युवराज सिंह की जातिगत टिप्पणी बड़े सवाल खड़े करती है

युवराज सिंह पर FIR

युवराज सिंह पर हुई FIR

पिछले कुछ समय से भारतीय क्रिकेटर्स को सोशल मीडिया पर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कॉफ़ी विद करन शो में के.एल. राहुल व हार्दिक पंड्या का महिलाओं पर भद्दी टिप्पणी की थी। पाकिस्तानी खिलाड़ी शाहिद अफरीदी के लिए ट्विटर पर पैसे इकट्ठे करने के लिए युवराज ने मैसेज किया। क्रिकेटर्स के ऐसे रवैये से भारतीय क्रिकेट की छवि देश दुनिया में खराब हो रही है।

क्या था पूरा मामला

ताज़ा मामला एक बार फिर टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर व क्रिकेट में दो वर्ल्डकप जिताने वाले महान खिलाड़ी युवराज सिंह और वर्तमान टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा का है। जिनके खिलाफ हरियाणा में FIR दर्ज हुई है।दरअसल युवी टीम इंडिया के सीमित ओवरों के उपकप्तान रोहित शर्मा के साथ इंस्टाग्राम पर लाइव चैट कर रहे थे। तभी उन्होंने साथी खिलाड़ी युजवेंद्र चहल का जिक्र करते हुए उन पर जातिगत टिप्पणी की। चहल लॉकडाउन की शुरुआत में अपने परिवार के साथ टिकटॉक पर डांस और मौज-मस्ती वाले वीडियो खूब बना रहे थे। युवराज ने उनके इन्हीं वीडियो पर बात करते हुए उन्हें जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल कर कॉमेंट कर दिया। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर उनके प्रति काफी नाराजगी देखी जा रही थी।

हो सकती थी गिरफ़्तारी

हरियाणा के हिसार जिले के एक दलित अधिकार कार्यकर्ता और वकील रजत कल्सन ने युवराज के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।रजत ने युवराज के साथ-साथ रोहित शर्मा को भी आरोपी बनाया था क्योंकि युवराज के इस शब्द के प्रयोग के दौरान वह भी हंस रहे थे। रजत ने युवराज सिंह की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है अगर युवराज को इसमें दोषी पाया जाता है, तो उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।


ट्विटर ने खोला राज़

दरअसल इस सप्ताह सोशल मीडिया पर युवराज सिंह का कुछ दिन पुराना एक वीडियो ट्रेंड कर रहा था जिसमे युवराज सिंह और रोहित शर्मा लाइव चैट करते नज़र आ रहे थे। इसी वीडियो के ज़रिये युवराज की जातिगत टिप्पणी की पुष्टि हुई, जिसके बाद से टि्वटर पर #युवराज_सिंह_माफी_मांगो ट्रेंड करने लगा।


मांग ली है माफ़ी

जातिगत टिप्पणी करने के बाद से युवराज सिंह की चारों तरफ आलोचना हो रही है। साथ ही दलित वर्ग भी ख़ासा नाराज़ है। वकील रजत कल्सन ने युवराज सिंह पर FIR दर्ज करा के उनकी मुुुश्किलेें और बढ़ा दी हैं
। हालांकि प्राप्त जानकारी के अनुसार युवराज सिंह ने गलती स्वीकारते हुए माफ़ी मांग ली है। पर सिर्फ़ माफ़ी मांग लेना इस समस्या का समाधान नहीं है। ऐसे मामलों में कानून को अधिक सख्त होना चाहिए।

एक तरफ जहाँ देश जातिगत समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में युवराज सिंह जैसे यूथ आइकॉन का जातिगत टिप्पणी करना अपराध है। ऐसा करना इस समस्या को और गंभीर करता नज़र आता है। ऐसे में यदि युवराज सिंह पर आगे कोई कार्रवाई होती है तो इससे जातिगत टिप्पणी करने वालों पर रोक लगेगी। साथ ही न्यायपालिका पर लोगों का विश्वास और बढ़ेगा। युवराज के इस पूरे मामले पर आप की क्या राय है हमें कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं।

टिप्पणियाँ

  1. भारत में j सामाजिक जाति व्यवस्था को यह अधिकार क्या है कि आप किसी का जातीय अपमान कर दो, जाति के कारण आज अमेरिका किस स्थित में है l

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