आजकल हर युवा "6-Pack Abs" और "बाइसेप्स" के सपने देख रहा है. जिम ज्वाइन करते ही ट्रेनर सबसे पहले कहता है, "प्रोटीन का डब्बा ले लो, तभी बॉडी बनेगी". लेकिन क्या आपको पता है कि बाज़ार में बिकने वाला 60% से ज़्यादा सप्लीमेंट (Supplements) नकली है? "Total सच" की इस रिपोर्ट में हम उस सफ़ेद पाउडर (White Powder) का सच बताएंगे जो बॉडी बनाने के बजाय आपकी किडनी (Kidney) और लीवर (Liver) को हमेशा के लिए खराब कर सकता है.
हेल्थ के साथ-साथ अपनी वेल्थ (पैसों) का ध्यान रखना भी ज़रूरी है. अगर आप इन्वेस्टमेंट का प्लान कर रहे हैं, तो सोने में निवेश का सही तरीका यहाँ जानें: Gold Investment: ज्वैलरी या डिजिटल गोल्ड? असली सच
नकली प्रोटीन का काला कारोबार (The Fake Market)
भारत में नकली सप्लीमेंट्स का कारोबार ₹500 करोड़ से भी ज़्यादा का है. दिल्ली और मुंबई की अंधेरी गलियों में पुराने डिब्बों में आटा, सोया पाउडर और स्टेरॉयड (Steroids) मिलाकर पैक किया जाता है.
- Steroids Side Effect: नकली पाउडर में स्टेरॉयड होने से आपकी बॉडी 1 महीने में फूल तो जाती है, लेकिन बाद में पिम्पल्स, बाल झड़ना और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
- Heavy Metals: लैब टेस्ट में कई लोकल ब्रांड्स में लेड (Lead) और आर्सेनिक (Arsenic) जैसे ज़हरीले तत्व मिले हैं.
🔥 Trending Now: 'Influencer Brand' Scam (Feb 2026)
पिछले महीने सोशल मीडिया पर कई फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स (Fitness Influencers) के खुद के सप्लीमेंट ब्रांड्स सवालों के घेरे में आए हैं. एक फेमस "Liver Doc" ने लैब रिपोर्ट शेयर की जिसमें दावा किया गया:
- Protein Spiking: डिब्बे पर लिखा है 24g प्रोटीन, लेकिन लैब टेस्ट में निकला सिर्फ 12g. बाकी सिर्फ सस्ता अमीनो एसिड था.
- Sugar Overload: शुगर फ्री बोलकर उसमें माल्टोडेक्सट्रिन (Maltodextrin) मिलाया जा रहा है जो शुगर से भी बुरा है.
- Alert: किसी भी यूट्यूबर के कहने पर आँख बंद करके उसका ब्रांड न खरीदें. हमेशा "Trustified" या थर्ड पार्टी लैब रिपोर्ट चेक करें.
Original vs Fake: पहचान कैसे करें?
| Test | Original Whey (असली) | Fake Powder (नकली) |
|---|---|---|
| Mixability | पानी में आसानी से घुल जाता है. | गांठें (Lumps) रह जाती हैं. |
| Taste | हल्का मीठा और स्मूथ. | बहुत ज्यादा मीठा (Chemical जैसा). |
| Label/Hologram | Hologram चमकता है, कोड काम करता है. | स्टीकर धुंधला होता है. |
खाद्य सुरक्षा और मानकों के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) की वेबसाइट चेक कर सकते हैं.
सेहत के साथ खिलवाड़ भारी पड़ सकता है. अगर आप ऑनलाइन दवाइयां (Medicines) मंगवाते हैं, तो डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए यह आर्टिकल भी पढ़ें: Digital Arrest और Cyber Fraud से कैसे बचें?
Protein FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: क्या Whey Protein लेने से किडनी स्टोन होता है?
Ans: अगर आप पानी कम पीते हैं (3 लीटर से कम) और बहुत ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, तो किडनी पर लोड पड़ता है. लेकिन सही मात्रा में असली प्रोटीन लेने से किडनी स्टोन नहीं होता.
Q2: असली और नकली प्रोटीन की पहचान कैसे करें?
Ans: हमेशा डिब्बे पर लगा 'Scratch Code' या QR Code स्कैन करके कंपनी की वेबसाइट पर वेरीफाई करें. नकली पाउडर पानी में आसानी से घुलता नहीं है और उसमें लम्प्स (गांठें) पड़ जाती हैं.
Q3: 1 दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए?
Ans: एक सामान्य व्यक्ति को अपने वजन के बराबर (जैसे 60kg है तो 60g) प्रोटीन चाहिए. जिम जाने वालों को 1.5 गुना तक प्रोटीन लेना चाहिए.
Q4: क्या घर का खाना बॉडी बनाने के लिए काफी नहीं है?
Ans: दाल और दूध में प्रोटीन होता है, लेकिन मसल बिल्डिंग के लिए जितनी मात्रा चाहिए, वो सिर्फ खाने से पूरी करना मुश्किल होता है. इसलिए सप्लीमेंट्स की ज़रूरत पड़ती है.
Total सच Verdict
प्रोटीन पाउडर बुरा नहीं है, लेकिन 'सस्ता प्रोटीन' (Cheap Protein) जानलेवा है. अगर कोई दूकानदार आपको MRP से 50% डिस्काउंट दे रहा है, तो समझ जाइये कि दाल में कुछ काला है. हमेशा Official Website या Authorized Seller से ही खरीदें. जिम ट्रेनर के हाथों से खुला (Loose) पाउडर कभी न लें. सेहत अनमोल है.
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